भारत सरकार अपनी अनुसंधान और विकास योजना के माध्यम से उत्पादन, उत्पादकता, सुरक्षा, गुणवत्ता, कोयला बेनिफिकेशन और उपयोग, पर्यावरण और पारिस्थितिकी की सुरक्षा, स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी और संबद्ध क्षेत्रों में सुधार के लिए कोयला और लिग्नाइट क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास गतिविधियां चला रही है।

कोयला मंत्रालय के एस एंड टी अनुदान के तहत अनुसंधान परियोजनाएं वर्तमान में राष्ट्रीय अनुसंधान और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आईआईटी, एनआईटीएस, आईआईएससी, एनआरएससी, सीएसआईआर प्रयोगशालाओं, अन्य प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों आदि द्वारा कोयला और लिग्नाइट उत्पादक कंपनियों की सक्रिय भागीदारी के साथ 1975 से कार्यान्वित की जा रही हैं।

पूर्ण की गई परियोजनाओं की संख्या : 330
पूर्ण की गई परियोजनाओं का परिव्यय : रु.333.79 करोड़

अनुमोदन समिति: एमओसी की अध्यक्षता वाली स्थायी वैज्ञानिक अनुसंधान समिति (एसएसआरसी)
सिफारिश समिति: एचओडी (खनन), आईआईटी (बीएचयू / खड़गपुर / आईएसएम) की अध्यक्षता में एसएसआरसी की तकनीकी उप-समिति (वार्षिक रोटेशन के आधार पर)
नोडल एजेंसी: सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिज़ाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल), रांची

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